Category: General Articles

आचार्य शांतिसागर छाणी समाधि स्थली के जीर्णोद्धार का शुभारंभ

आचार्य शांतिसागर छाणी समाधि स्थली के जीर्णोद्धार का शुभारंभ

भूमि पूजन समारोह श्रद्धा एवं भक्ति के साथ सागवाड़ा में सम्पन्न चार माह में जीर्णोद्धार कार्य पूर्ण करने का लिया गया संकल्प सागवाड़ा | 1 जुलाई 2026 दिगम्बर जैन परम्परा के महान तपस्वी प्रशम मूर्ति आचार्य शांतिसागर छाणी महाराज की पावन समाधि स्थली के जीर्णोद्धार कार्य का शुभारंभ 1 जुलाई को सागवाड़ा स्थित छोटी नसिया परिसर में अत्यंत श्रद्धा, भक्ति एवं धार्मिक वातावरण में भूमि पूजन के साथ सम्पन्न हुआ। इस ऐतिहासिक परियोजना की प्रेरणा भारत गौरव आर्यिका रत्न 105 श्री स्वस्ति भूषण माताजी से प्राप्त हुई। क...

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बिल्कुल भविष्यवादी…बिल्कुल नवोन्मेषी…प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण के साथ पूरी तरह मेल खाता हुआ…भारतीय दुनिया से आगे हैं

बिल्कुल भविष्यवादी…बिल्कुल नवोन्मेषी…प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण के साथ पूरी तरह मेल खाता हुआ…भारतीय दुनिया से आगे हैं

भारत सुरक्षित डिजिटल संसद शुरू करने वाला पहला देश बन सकता है। प्रौद्योगिकी के माध्यम से लोकतांत्रिक शासन को रूपांतरित करने का एक दूरदर्शी प्रस्ताव - भारत सरकार द्वारा विचारार्थ प्रस्तुत लेखक: अनिल के. जैन, एफसीए अध्यक्ष – अहिंसा फाउंडेशन इंडिया, वरिष्ठ समष्टि अर्थशास्त्री (सीनियर मैक्रोइकोनॉमिस्ट) ईमेल: caindia@hotmail.com कार्यकारी सारांश भारत विश्व की अग्रणी डिजिटल अर्थव्यवस्थाओं में से एक के रूप में उभरा है। डिजिटल इंडिया, आधार, यूपीआई, डिजिलॉकर, कोविन, ओएनडीसी जैसी अग्रणी पहलों और बड़े पैमान...

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यह आग सिर्फ़ होटल में नहीं लगी थी

यह आग सिर्फ़ होटल में नहीं लगी थी

यह आग सिर्फ़ होटल में नहीं लगी थी,यह आग उन फाइलों में लगी थी,जहाँ नोटों की गर्मी मेंसुरक्षा के नियम जल गए थे।यह आग उन मेज़ों पर लगी थी,जहाँ हस्ताक्षर बिकते हैं,जहाँ निरीक्षण की रिपोर्टेंसच्चाई नहीं,सुविधा के अनुसार लिखी जाती हैं।इक्कीस लोग मरे हैं!नहीं,इक्कीस लोग नहीं मरे—इक्कीस सपने मरे हैं,इक्कीस परिवार उजड़े हैं,इक्कीस संसार राख हुए हैं।और अब फिर वही होगा…कुछ आँसू,कुछ भाषण,कुछ मुआवज़े,कुछ जाँच समितियाँ,कुछ निलंबन,और फिर…सब कुछ सामान्य!जब तक अगली आग न लग जाए।पूछो उन कुर्सियों से,जिन पर बैठकरकर...

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जल : हमारे समय की सबसे बड़ी चुनौती

जल : हमारे समय की सबसे बड़ी चुनौती

महावीर इंटरनेशनल के 52वें स्थापना दिवस पर विशेष संदेश​वीर सीए अनिल के. जैनज़ोन उपाध्यक्ष एवं जल संरक्षण सह-निदेशकजल : जीवन का आधारमहावीर इंटरनेशनल के 52वें स्थापना दिवस के अवसर पर मानवता के समक्ष उपस्थित सबसे महत्वपूर्ण विषय—जल—पर चिंतन करना अत्यंत प्रासंगिक है। जैन दर्शन का शाश्वत सिद्धांत "परस्परोपग्रहो जीवानाम्" हमें स्मरण कराता है कि समस्त जीवन परस्पर एक-दूसरे पर निर्भर है। इस सत्य का सबसे बड़ा उदाहरण जल है, जो मानव जीवन, कृषि, उद्योग, पर्यावरण तथा आर्थिक विकास का मूल आधार है।नीले ग्रह की वा...

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 वरिष्ठों का अनुभव एवं योगदान: सुशासन की आधारशिला

 वरिष्ठों का अनुभव एवं योगदान: सुशासन की आधारशिला

वरिष्ठों का अनुभव एवं योगदान: सुशासन की आधारशिला लेखक: वीर अनिल जैन, जोधपुर आज के तीव्र परिवर्तनशील सामाजिक और प्रशासनिक परिवेश में जहाँ नवाचार और तकनीकी दक्षता को प्रमुखता दी जा रही है, वहीं यह तथ्य भी उतना ही महत्वपूर्ण है कि किसी भी सुदृढ़ और प्रभावी प्रशासन की नींव अनुभव पर टिकी होती है। वरिष्ठ नागरिकों का अनुभव केवल वर्षों का संचय नहीं, बल्कि परिस्थितियों की गहन समझ, संतुलित दृष्टिकोण और व्यावहारिक ज्ञान का समन्वय है। अतः उनका योगदान सुशासन की प्रक्रिया में अत्यंत प्रासंगिक और आवश्यक है। अन...

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 पारिवारिक मूल्य: सशक्त समाज की आधारशिला

 पारिवारिक मूल्य: सशक्त समाज की आधारशिला

पारिवारिक मूल्य: सशक्त समाज की आधारशिला लेखक: वीर अनिल जैन, जोधपुर आज के तीव्र गति से बदलते सामाजिक और आर्थिक परिवेश में “पारिवारिक मूल्य” केवल एक सांस्कृतिक अवधारणा नहीं, बल्कि समाज की स्थिरता और प्रशासनिक सुशासन की मूल धुरी हैं। परिवार व्यक्ति का पहला विद्यालय होता है, जहाँ उसे जीवन के मूल सिद्धांत—सम्मान, अनुशासन, सहनशीलता, त्याग और जिम्मेदारी—सिखाए जाते हैं। यही मूल्य आगे चलकर नागरिकों के आचरण और सामाजिक व्यवस्था को निर्धारित करते हैं। घटते पारिवारिक मूल्यों की वर्तमान तस्वीर वर्तमान समय में...

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आर्थिकआत्मनिर्भरता: समृद्धिऔर सम्मान की दिशा

आर्थिकआत्मनिर्भरता: समृद्धिऔर सम्मान की दिशा

परिवार में आर्थिक आत्मनिर्भरता: समृद्धि और सम्मान की दिशा लेखक: वीर अनिल जैन, जोधपुर आज के बदलते सामाजिक और आर्थिक परिवेश में “परिवार में हर सदस्य की आर्थिक आत्मनिर्भरता” एक अत्यंत महत्वपूर्ण विषय बनकर उभरा है। यह केवल आय अर्जन तक सीमित नहीं है, बल्कि आत्मसम्मान, निर्णय लेने की क्षमता और जीवन की स्थिरता से भी जुड़ा हुआ है। जब परिवार का प्रत्येक सदस्य आर्थिक रूप से सक्षम होता है, तो पूरा परिवार अधिक मजबूत, आत्मविश्वासी और सुरक्षित बनता है। आर्थिक आत्मनिर्भरता का वास्तविक अर्थ परिवार में आर्थिक आत...

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PATNA HIGH COURT RENUKA BALA CHATTERJI VS ASWINI KUMAR GUPTA AND ORS. ON 27 JUNE, 1961

PATNA HIGH COURT RENUKA BALA CHATTERJI VS ASWINI KUMAR GUPTA AND ORS. ON 27 JUNE, 1961

Summarised Judgement (Scroll for Complete Judgement) Facts of the Case: The facts leading to the present appeal by defendant No. 1 may be stated in brief as follows: One Srimati Manorama Mazumdar, widow of Girish Chandra Mazumdar, the d on the 25th of April, 1936 leaving three daughters, Srimati Nirmala, Srimati Urmila and Srimati Amala. She had two other daughters, Srimati Framila and Srimati Simla who had predeceased her. Of the three surviving daughters. Srimati Amala the d on the 19th July,...

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DELHI DISTRICT COURT SMT. ASHRAFI DEVI VS. SMT. GAYATRI DEVI DATED : 16.09.2008

DELHI DISTRICT COURT SMT. ASHRAFI DEVI VS. SMT. GAYATRI DEVI DATED : 16.09.2008

Summarised Judgement (Scroll for Complete Judgement) Facts of the Case: This is a succession petition filed by the petitioner Smt. Ashrafi Devi for the grant of Succession Certificate in her favour, in respect of debts and securities left behind by his deceased son Sh. Krishan Kumar, who died at Delhi on 15.03.2006, leaving behind besides petitioner, his widow and a daughter namely Smt. Gayatri (Jud./P.No.484 of 06/dtd.16.09.08/Smt. Ashrafi Devi Vs. State/total pages (6)/KK) Devi and Ms. Pratikc...

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PUNJAB-HARYANA HIGH COURT

PUNJAB-HARYANA HIGH COURT

PUNJAB-HARYANA HIGH COURT KARAN SINGH VS MOLHAR & OTHERS DATED : 06.03.2018 Summarised Judgement (Scroll for Complete Judgement) Introduction: This is an appeal filed by the defendant against the judgment and decree of reversal passed by the lower Appellate Court; whereby while reversing the judgment and decree passed by the Trial Court, the suit filed by the defendant was ordered to be decreed. Facts of the Case: The brief facts of this case are that one Kartara was the owner of the suit proper...

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