The Eternal Riddle By P
21 January 2015
You may also like

आचार्य शांतिसागर छाणी समाधि स्थली के जीर्णोद्धार का शुभारंभ
2 July 2026
भूमि पूजन समारोह श्रद्धा एवं भक्ति के साथ सागवाड़ा में सम्पन्न चार माह में जीर्णोद्धार कार्य पूर्ण करने का लिया गया संकल्प सागवाड़ा | 1 जुलाई 2026 दिगम्बर जैन परम्परा के महान तपस्वी प्रशम मूर्ति आचार्य शांतिसागर छाणी महाराज की पावन समाधि स्थली के जीर्णोद्धार कार्य का शुभारंभ 1 जुलाई को सागवाड़ा स्थित छोटी नसिया परिसर में अत्यंत श्रद्धा, भक्ति एवं धार्मिक वातावरण में भूमि पूजन के साथ सम्पन्न हुआ। इ...
बिल्कुल भविष्यवादी…बिल्कुल नवोन्मेषी…प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण के साथ पूरी तरह मेल खाता हुआ…भारतीय दुनिया से आगे हैं
27 June 2026
भारत सुरक्षित डिजिटल संसद शुरू करने वाला पहला देश बन सकता है। प्रौद्योगिकी के माध्यम से लोकतांत्रिक शासन को रूपांतरित करने का एक दूरदर्शी प्रस्ताव - भारत सरकार द्वारा विचारार्थ प्रस्तुत लेखक: अनिल के. जैन, एफसीए अध्यक्ष – अहिंसा फाउंडेशन इंडिया, वरिष्ठ समष्टि अर्थशास्त्री (सीनियर मैक्रोइकोनॉमिस्ट) ईमेल: caindia@hotmail.com कार्यकारी सारांश भारत विश्व की अग्रणी डिजिटल अर्थव्यवस्थाओं में से एक के रू...

यह आग सिर्फ़ होटल में नहीं लगी थी
6 June 2026
यह आग सिर्फ़ होटल में नहीं लगी थी,यह आग उन फाइलों में लगी थी,जहाँ नोटों की गर्मी मेंसुरक्षा के नियम जल गए थे।यह आग उन मेज़ों पर लगी थी,जहाँ हस्ताक्षर बिकते हैं,जहाँ निरीक्षण की रिपोर्टेंसच्चाई नहीं,सुविधा के अनुसार लिखी जाती हैं।इक्कीस लोग मरे हैं!नहीं,इक्कीस लोग नहीं मरे—इक्कीस सपने मरे हैं,इक्कीस परिवार उजड़े हैं,इक्कीस संसार राख हुए हैं।और अब फिर वही होगा…कुछ आँसू,कुछ भाषण,कुछ मुआवज़े,कुछ जाँच...

जल : हमारे समय की सबसे बड़ी चुनौती
3 June 2026
महावीर इंटरनेशनल के 52वें स्थापना दिवस पर विशेष संदेशवीर सीए अनिल के. जैनज़ोन उपाध्यक्ष एवं जल संरक्षण सह-निदेशकजल : जीवन का आधारमहावीर इंटरनेशनल के 52वें स्थापना दिवस के अवसर पर मानवता के समक्ष उपस्थित सबसे महत्वपूर्ण विषय—जल—पर चिंतन करना अत्यंत प्रासंगिक है। जैन दर्शन का शाश्वत सिद्धांत "परस्परोपग्रहो जीवानाम्" हमें स्मरण कराता है कि समस्त जीवन परस्पर एक-दूसरे पर निर्भर है। इस सत्य का सबसे बड़...
वरिष्ठों का अनुभव एवं योगदान: सुशासन की आधारशिला
28 April 2026
वरिष्ठों का अनुभव एवं योगदान: सुशासन की आधारशिला लेखक: वीर अनिल जैन, जोधपुर आज के तीव्र परिवर्तनशील सामाजिक और प्रशासनिक परिवेश में जहाँ नवाचार और तकनीकी दक्षता को प्रमुखता दी जा रही है, वहीं यह तथ्य भी उतना ही महत्वपूर्ण है कि किसी भी सुदृढ़ और प्रभावी प्रशासन की नींव अनुभव पर टिकी होती है। वरिष्ठ नागरिकों का अनुभव केवल वर्षों का संचय नहीं, बल्कि परिस्थितियों की गहन समझ, संतुलित दृष्टिकोण और व्या...
पारिवारिक मूल्य: सशक्त समाज की आधारशिला
28 April 2026
पारिवारिक मूल्य: सशक्त समाज की आधारशिला लेखक: वीर अनिल जैन, जोधपुर आज के तीव्र गति से बदलते सामाजिक और आर्थिक परिवेश में “पारिवारिक मूल्य” केवल एक सांस्कृतिक अवधारणा नहीं, बल्कि समाज की स्थिरता और प्रशासनिक सुशासन की मूल धुरी हैं। परिवार व्यक्ति का पहला विद्यालय होता है, जहाँ उसे जीवन के मूल सिद्धांत—सम्मान, अनुशासन, सहनशीलता, त्याग और जिम्मेदारी—सिखाए जाते हैं। यही मूल्य आगे चलकर नागरिकों के आचरण...