यह आग सिर्फ़ होटल में नहीं लगी थी
6 June 2026
यह आग सिर्फ़ होटल में नहीं लगी थी,यह आग उन फाइलों में लगी थी,जहाँ नोटों की गर्मी मेंसुरक्षा के नियम जल गए थे।यह आग उन मेज़ों पर लगी थी,जहाँ हस्ताक्षर बिकते हैं,जहाँ निरीक्षण की रिपोर्टेंसच्चाई नहीं,सुविधा के अनुसार लिखी जाती हैं।इक्कीस लोग मरे हैं!नहीं,इक्कीस लोग नहीं मरे—इक्कीस सपने मरे हैं,इक्कीस परिवार उजड़े हैं,इक्कीस संसार राख हुए हैं।और अब फिर वही होगा…कुछ आँसू,कुछ भाषण,कुछ मुआवज़े,कुछ जाँच...